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Wednesday, 21 October 2020

माँ अर्धनारीनटेश्वर पञ्चमं स्कंदमातेति। . नवरात्री ---५

05:04 2 Comments

          माँ अर्धनारीनटेश्वर----   पञ्चमं स्कंदमातेति। . नवरात्री ---५


माँ अर्धनारीनटेश्वर   पञ्चमं स्कंदमातेति। . नवरात्री ---५  

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

जय माँ अंबे नमोनमः ,प्रणाम। .. 
तेरी पुजा बांधते दिन किस गति से चल रहे। .. 
ध्यान करती तो मुर्ति सामने आती। ..
रोज का चूल्हा चौका अधिक् ध्यान से हो रा.... 
तेरी आराधना में  समय व्यतीत हो रा। ..
कैसे इतनी शक्ति हमें मिलते रहती। ...
अविरत हम काम लगे हुए,फिर भी ,
तुम्हारी आराधना करते है माँ  
अनजानी स्फुर्ति लहराती है 
ये  स्फुर्ति ,ये आनंद मेरा अकेला का नहीं। ... 
शक्ति एकअकेली है ? नहीं 
वो तो शिव में विलीन है।https://kittydiaries.com/
अर्धनारीनटेश्वर में आप ही हो माँ। .. 
मैया तुम शक्ति हो ,तुम शिव भी हो। ..
शक्ति के बिना शिव कैसे ?,
शिव से अलग शक्ति कैसे?
शक्ति तुम ---बल हो सामर्थ्य हो..... 
शिव तो तत्व है ,बल में है सामर्थ्य में है 
शक्ति तुम आयुध हो, तुम शस्त्र हो
शिव शस्त्र अस्त्र सवारते ,त्रिशुलधारी है 
तुम प्रभाव हो। तुम अधिकार हो.. 
शिव तो तुमने बसे  है,त्रिलोचन 
तुम ऊर्जा हो, तेज हो ,तुम गुण  हो। ..... 
शिव तो स्त्रोत है ,तत्त्व है https://kittydiaries.com/ 
शक्ति तुम पराक्रमी हो ,शुर हो
शिव शक्ति तुम एकाकार हो...
अर्धनारीनटेश्वर। आधे में साधा है पुरा।।। 
बराबर की साझेदारी पुरुष ओर नारी    
शस्त्र अस्त्र ,गुण,सामर्थ्य ,बल,अधिकार।।।
समसमान गणितीय दृष्टिकोण  
आज की युग की नारी शक्ति। ..
आदिकाल से चली आयी शृंखला।।। 
समान अधिकार भाषा आज सारे जगत में है। ... 
संविधान ने शिवशक्ति को समान अधिकार में बांटा। .. 
नं  की नारी  के लिए ओर अच्छा प्रावधान किया। . 
शिक्षा के लिए, नौकरी में उचित स्थान दिया। . 
बच्चो के लालन पालन के रजा मंजुरी ,वेतन के साथ। ..
नारी छलनं नं हो। ..उसके भी कानून बना। ..
उच्चतम शिक्षा के लिए सुविधा है..
संस्थाओंमे नारी शक्ति आरक्षित है। ..  
नारी के लिए ऐसा अब कोई क्षेत्र नहीं। .. 
जो वो छु नं  पाये। ... 
सरे जगत की उजियारा है नारी शक्ति। ..
अधिकार तो दिए नारी को माँ। .. लेकिन 
अपनोंके विरुद्ध नारी खड़ी नं हो जाये। 
खड्ग हाथ में है। ..उसका उपयोग जान ले। .. 
अपने ही भाई बहनोंको दोषी न ठहराए। .. 
अपनेही पिता विरुद्ध बेटी नं चले। . 
अपनेही पति विरुद्ध दाखला दर्ज नं करे। .. 
साझेदारी होती है रिश्तों की वहाँ ,
कुछ साझेदारी पैसोंकी। . 
कही प्रेम की साझेदारी। ... 
हर रिश्ता करे दुनियादारी। ... 
फिर माँ कहाँ है रुप तेरा अर्धनारीनटेश्वर का। .. 
आधा तुम हो आधा मैं  हु
आधा शिव है आधी शक्ति है। ... 
शक्ति तो शिव में विलीन है। ... 
मै विलग कैसे हो जाऊ माँ। ..
बस माँआखो   आशीर्वाद रहे। .. 
शिव ओर शक्ति कभी विलग नं हो..... 
एक दूजे बिना कोई पर्याय नं हो। .. 
सँभाल लो माँ। ... कुछ टुटने से पहले। . 
आशिष रखो माँ , सिरपर। .. 
नमन , साष्टांग दंडवत माँ। ..
पञ्चमं स्कन्धमातेति। ..https://kittydiaries.com/
स्कंधमाता के चरणोंमे प्रणाम। ... 
लेखांकन ---ADV अर्चना गोन्नाड़े ,archana gonnade

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Tuesday, 20 October 2020

माँ वरदायिनी---कूष्माण्डेति चतुर्थकम---नवरात्र ---४

08:34 2 Comments

माँ वरदायिनी---कूष्माण्डेति चतुर्थकम---नवरात्र ---४



माँ वरदायिनी---कूष्माण्डेति चतुर्थकम---नवरात्र ---४

या देवी सर्वभुतेषु लज्जारूपेण संस्थिता ।  

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः 

माँ तेरे द्वार आज फिर आयी हु माथा टेकने

बड़ा आनंद आता है पुजापठन में। .. 

धुपदीप आरती ,प्रसाद ,मन में प्रसन्नता है। .. 

माँ तुम हर  रूप में बसी हो। . ... 

सौभाग्यशालिनी स्त्री में ,पुत्री में हो 

भाग्यवान,बलवान पुरुष में ,पुत्र में हो। ...

सभी प्राणिमात्रोंमे तुम हो माँ। .. 

प्रकृति के सृजन का अधिकार दिया 

वरदान तो बीज का तुमने पुरुष को दिया। ..

 एकदूजे के पूरक बनाया माँ तुमने। ... 

एकदुजे से समर्पण की भावना होती है। ... 

एकदूजे से  कुछ पाना ,कुछ खोना होता है 

कुछ त्यागना होता है ,कुछ सहना होता  है...

लज्जा तो निसर्गदत्त  अलंकार है .... 

लज्जा तो विनयशीलता है। .. 

लज्जा में माधुर्य है, लज्जा मधुरिमा है 

लालायित होना लज्जा का स्वाभाव नहीं

लज्जा सहज है सुंदर है स्वाभाविक है। ....... 

लज्जा की बात जब होती है ,

तब रक्षण की बात होती है...... 

स्वयं का रक्षण करना मानवीय अधिकार है

दूसरोंका रक्षण करना मानवता का प्रतिक है। 

चाहे स्त्री हो। पुरुष  हो..बच्चा हो बुढ़ा हो ,नंगा हो ,भूखा हो। ..

लाजरक्षण होती है तो वस्त्रों की बात होती है। ... 

जिसने भी वस्त्र  का संशोधन किया ,वस्त्र बनाये।।। 

उनको कोटि कोटी प्रणाम।।।।

लज्जारक्षण का साधन तो मिला। ...

हम कोई आदिमानव नहीं, 

वस्त्र परिधान करना भी कला है। ... 

वस्त्र हमारी लज्जित नहीं  होने  देते।।।  

मै घुंघट में भी सुंदर हु,चोली दामन सवारती हु . 

क्या ढका हुआ सुन्दर नहीं होता?

सुंदरता सिर्फ  वस्त्रो में ही होती है?

किसका मन भी सुन्दर होता है। ....

परिधान तो हमारी शान है। ...  

जमाना बदल गया ,लोग बदल गए ,

आचार विचार बदल गए ,रहन सहन बदल गए। ...

समाज के मान्यताओं का ध्यान मुझे  भी  है। .. 

मेरे लिबास का ,वस्त्रप्रावरणोंका ध्यान है। .... 

मैं स्त्री इसी मिट्टी से बनी हु जैसे भगवान तुमने ,पुरुष बनाया।।।।

क्या किसी पुरुष का कर्त्तव्य नहीं स्त्री को सन्मान देना। ..

स्त्री का लज्जऱक्षण करना ,माँ है ,बेटी हैं ,बहना है। .. 

कितना प्यार करती  है तुमसे।।।।। 

दूसरोंकी भी माँ बहनें बेटीयाँ  है। इज्जत उन्हें  भी  प्यारी है 

सामर्थ्यशाली पुरुष से ही अपेक्षा रहेंगी नं माँ ?

मेरी लाज रखनेकी,लाजरक्षण की। ...

बस माँ, एक ही वरदान मांगु। .... 

मैं विनयशील रहु। ... जो विनयशील रहे। .. 

मैं नम्रता से रहु। . जो नम्रता से पेश आए। ..

मै सहज रहु। .. जो सहज है मेरे लिए 

मै नरमी दिखाऊ , जो गर्मी न दिखाए। ..... 

मैं अपना रक्षण खुद करू। . कोई आगे नं आये। .. 

माँ एक ओर वरदान समस्त पुरुषोंको के लिए। ...

प्रकृति का सॄजन करता है पुरुष  

स्त्री की रक्षा करता वो पुरुष है। ..... 

वो  पौरुष कहलाता जिनमे पुरुषत्व हो। .. 

स्त्री रक्षण का भार अपने कांधे उठता हो। ... 

संकट में स्त्री कि सुरक्षा करता वो पुरुष।।।।

लज्जारक्षण करे। अपनी स्त्री का ओर परस्त्री का....

हम स्वयंपूर्ण है , हम सबला है। ...

लेकिन पुरुषों भी हमारे भाई है ,पिता है ,पुत्र है,पती है। .. 

हम कैसे सवारे इनको,हम कैसे सह पाए . ...

पुरुषों की यह निर्बलता ?

वरदान दो माँ ,पुरुषों को जगा दो ,

सुनो माँ ,बस जगा दो माँ पुरुषों को भी। ..

तेरे चरणों पर हम सब लींन है। .. 

भावभक्ति जगा दो.... लाज रखो हे माँ 

कुष्मांडेति चतुर्थकम। ... 

माँ कुष्मांडा को साष्टांग दंडवत। ... 

लेखांकन --adv अर्चना गोन्नाड़े archana gonnade--------------------------------------------------------------https://kittydiaries.com/---------------------------------------------


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Monday, 19 October 2020

माँ महिषासुरमर्दिनी------ तृतीयम चंद्रघण्टेति -----नवरात्री---३

02:34 2 Comments

        आओ माँ महिषासुरमर्दिनी------

     तृतीयम चंद्रघण्टेति -----नवरात्री---३


आओ माँ महिषासुरमर्दिनी------

तृतीयम चंद्रघण्टेति -----नवरात्री---३ 

या देवी सर्वभूतेषु शांति-रूपेण संस्थिता। 

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

आज फिर नमन करतीiमाँ मैं । . ह्रदय से। . 

साष्टांग दंडवत। .. 

तुम्हारा सुन्दर रूप माँ मन में बस गया। .. 

निरन्तर मै पुजा करू पठन करू .... 

तुम्हारे पूजन से मन भक्तिमय होता। . 

भक्तिभाव  जागृत होता  ....

मन मेँ , भक्ति  के तरंग लहराए 

अंतरंग  कैसे पहचाने बाहरी तरंग। .. 

तादात्म्य जब हो तुमसे ,अंतरंग तरंगों में बहनें  लगे...

या फिर तरंगों मेँ अंतरंग बहाने लगे। ... 

मै  तो कुछ समाज न पाऊ। ... 

एक साँस एक लय शब्द में , स्वरों में ,,,, 

कही  तो एकाकार  है हम। .. 

कितनी  शांति महसुस कराती माँ तेरे पूजन में। .. 

मन में शांति है --- सारा जगत में शांति महसुस होती। .. 

शांति के पीछे चलते सुख --- घर परिवार सुखी लगता 

समाधान समृद्धि भी शांति का  हाथ पकड़ती। .. मेरे घर आती।

लेकिन तुम्हारी निर्मिति मानव ,मनुज ने तो 

सारा कोलाहल मचा रखा है जगत मेंhttps://kittydiaries.com/ 

 कहा सुकून किसीको। ..चैन है कैसी। .. 

धर्म के नाम पर अधर्म चल रहा। ..विडम्बना दिखती  

जात पात ,. रंग भेद वर्ण भेद ओर कितने भेदाभेद। .. 

ओर कितने महायुद्ध होंगे। ..पहला महायुद्धा ,दुसरा महायुद्धा  

कोरोना का भी महायुद्ध हुआ। ..कितना मानव संहार हुआ  

इंसान की लालच ने कितनों  की जान ली। .. 

इंसान का दुश्मन बन रहा इंसान।। जहर उगल रहा। ..

कोई किसीकी फ़िक्र नहीं। ... सुख है चैन है ,पैसा है 

लेकिन का स्त्रोत है इन सुख का। ...चकाचौंध।।।। 

आँखों की  रोशनी  उड़ा  दे ,कुछ नजर न आये 

ऐसा चकाचौंध सुख समृद्धि क्या करना ? 

सबकुछ  होते हुए भी शांति तो नजर नहीं आती। .

.चैन सुकून तो नजर नहीं आता। ... 

सब होड़ में लगे है ,एकदुसरे से स्पर्धा करनेकी 

मन भयभीत सा रहता है। अगले क्षण कुछ अनहोनी नं घट जाए 

तुम शांति स्वरुप हो माँ। .. शांति तो मन का लगाव है। .. 

शांति तो प्रेम से होती है। .. 

शांति तो महसुस करने की  भावना है। .. 

शांति तो मन का उजाला है 

शांति तो रोशनी है मन की ,एहसास की बात है। .. 

शांति तो दिल की गहराई है। .. कहा नापे कहा तोले। .. 

तुम माँ हो , दिल की गहराई किसने  नापी है ?

शांति सत्यम शिवम् सुंदरम है। ... सारे जगत मेँ व्याप्त। ..

माँ तुम शांति स्वरुप हो माँ। .https://kittydiaries.com/

सारा जगत राक्षसोँके के कोलाहल में व्याप्त  है। .. 

फिर धारण करो माँ ,महिषासुरमर्दिनि का अवतार। ... 

खड्ग  चलाओ ,संहार करो एक बार फिर राक्षसोंका। .. 

शांति होंगी तो तेरे ही चरणों पर हम लीन होंगे माँ। ..

सभी प्राणिमात्राओं में शांति स्थित है नं । .... 

हर घर शान्ति प्रस्थापित करो यही याचना प्रार्थना माँ.... 

हम याचक, कोई शान्तिदुत,शान्तिसन्देश ?   

शिष झुकाये हम है , आशिष रखना माँ। .. 

माँ चंद्रघंटा को नमन ,साष्टांग दंडवत। ..

लेखांकन ----adv अर्चना गोन्नाड़े archana gonnadehttps://kittydiaries.com/ 



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Sunday, 18 October 2020

माँ जगतजननी। ...द्धितीयम ब्रम्हचारिणी। .. नवरात्री --२

04:34 0 Comments

माँ जगतजननी। द्धितीयम ब्रम्हचारिणी। .. नवरात्री --२ 


 


माँ जगतजननी...द्धितीयम ब्रम्हचारिणी. नवरात्री --२

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता - 

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमोनमः। 

आज  द्धितीयम ब्रम्ह्चारिणी --

मत्था टेक रही माँ तेरे चरणोंपर। ...

आराधना  मेरी चलती रहे,ऐसेही वर दे माँ। 

श्री सरस्वती ,श्री महालक्ष्मी ,श्री महांकाली। ...

जगतजननी की ये रूप मन में बसे  है। ... 

आधार है संपुर्ण विश्वचक्र का  .... 

माँ आज तुम्हारी कृपा से स्त्री शक्ति आसमां छु रही। ..

विविध क्षेत्रों मेँ अपना नाम उजाग़र  कर रही। .. 

कोई क्षेत्र ऐसे नहीं जहाँ स्त्री शक्ति नहीं। .. 

बुद्धि का वरदान तो दिया माँ तुमने। .. 

मनुज प्राणिमात्र है , बुद्धीजीवी है। .. 

सिर पर चमकता ताज है हमारे। .. 

ललाटरेखा तुमने तो अंकित की। .. 

शिक्षा लेने का...सही मायने में उचित अधिकार दिया  

अपना जिवन सुन्दर सहज बनाने का मौका दिया 

कितने सारे विकल्प आज उपलब्ध है। .. 

कोई ऊँची उड़ान लगाएं। बने वैमानिक 

.कोई फौजी होवे। . भारत  माँ की रक्षा करे। .. 

खेलकुद ओलिम्पिक हम कही  पिछे नहीं। . आगे ही है 

कलाकार भी तो है , । .. हम किसीसे हारे  नहीं माँ। .. 

डॉक्टर दीनदुखियाँकि सेवा करे,

जो भी कर्म करे ,कार्य करे, मन की सच्ची लगन से। ... 

शिक्षा के अवसर ढूढ़ना है। .. बस कोई अवसर हाथ में आये...

कोशिशे जारी रखना है , कोई पल पकड़ में आये। ..

ले आओ माँ उस अवसर को हमारे  लिए... 

 झप से पकड़ लु मै अपने मुट्ठी  में। ... 

माँ तुमने वरदान में बुद्धि दी। कितने सँजोग .. 

बुद्धि का प्रयोग  मनुज के भलाई लिए करू... 

बुद्धि का उपयोग समाजकार्य के लिए करू... 

आजन्म मै मानवता की सेवा करू। https://kittydiaries.com/... 

मेरा सुबुद्धि से  नाता है , बुद्धिहिनता से नहीं 

वरदान बुद्धि का है , कोई दुर्बुद्धि नं दे माँ ,

 हम माँ सरस्वती की उपासक ,कोई विवशता नं दो  माँ... 

कोई लांछन लगे। . .. ऐसी बुद्धि नं होने दो। ..

कोई दुराचार करे ,व्यवहार करे ऐसी दुर्मति  नं दो। .

ज्ञान का प्रकाश  से सारा जगत उजियारा कर दु। .... 

अंधःकार से प्रकाश पर्व की ओर चलु। .. 

तमसो मा ज्योतिर्गमय। .....

 यही छोटीसी मनोकामना ,,आशिष रखो माँ  

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता 

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमोनमः 

 द्धितीयम ब्रम्ह्चारिणी। .. माँ चरणोंपर साष्टांग दंडवत 

लेखांकन ----ADV अर्चना गोन्नाड़े ARCHANA GONNADEhttps://kittydiaries.com/ 

 



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Saturday, 17 October 2020

माँ जगदोद्धारिणी ----नवरात्री -----१

03:44 0 Comments

माँ जगदोद्धारिणी ----शैलपुत्री ----नवरात्री ---१ 



माँ जगदोद्धारिणी ----शैलपुत्री ----नवरात्री ---१ 
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता। . 

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः... 

नवरात्री में माँ की प्रतिष्ठापना,घटस्थापना। .. 

युगो युगो से चला आ रहा माँ का उत्सव। .. 

आज के समय बहुत ही सुकून देता है। ... 

 कोरोना के संकटकाल में आज यह पुजापाठ। . 

कुछ अलगसी आतंरिक शक्ति प्रदान करता। .. 

प्यारे भगवान को सब जगह जाना शायद संभव नं हो। .. 

हर घर में उसने शक्ति की स्थापना कर दी। ...

माँ, आई,अम्मा ,मदर इतने सारे शक्ति के ही  रूप है। .. 

कभी मुझे माँ मिलती ,कभी बहना मिलती। 

कभी भाभी मिलती ,कही सखी दिखती। .. 

वही शक्तिरूप,कही दिव्यरूप बेटी बनकर आती। ... 

घरभर उजाला कर जाती।।।।https://kittydiaries.com/

दुहिता होती है  कन्या दोनों घर रोशन करने वाली।।।।

माँ का घर उजालों से भर देती। ... 

वही रोशनी ससुराल में लेकर चलती । ...

वो घर भी उजालों से भर देती। ..   

श्री शक्ति की  आराधना करना। .. 

अपनी आध्यात्मिक उन्नति साधना। ...

परिवार के लिए सुखसमृद्धी की कामना करना। ..

दुष्टों का ,दुष्प्रवृत्ति का संहार करना। .. 

दुष्टोंका समूल उच्चाटन करना  

यही उद्द्येश है शक्तिपूजन का ,माँ के पूजन का। .

शक्ति स्थापना,उपासना,शक्ति का सृजन। ..

नवरात्री के  नौ दिन का जागरण। .. 

तपस्या होती है हमारी संसार प्रेमियोंकी।।।   

गुणगान किसे  नहीं अच्छा लगता। .. 

माँ का भजन पूजन ,गुणगान करो। ..

माँ तो माँ है ,अन्य कोई नहीं।।। https://kittydiaries.com/  

माँ का आशीर्वाद सदैव हम पर बना रहेगा। .

जगदोद्धारिणी, सारा जगत जिनके चरणों में है। .. 

जगत का उद्धार करना श्री शक्ति का कार्य। .. 

हमें तो बस दोनों कर जोडके प्रणाम करना 

ओर समग्र श्रद्धा के साथ माथा टेकना आता है। ... 

आज प्रथमं शैलपुत्री के चरणों में साष्टांग दंडवत  ..

लेखांकन --adv .अर्चना गोन्नाड़े archana gonnade  

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Tuesday, 13 October 2020

स्वप्नों के परिंदे। ....

11:51 0 Comments

 स्वप्नों के परिंदे। ....चल रे। .... 



स्वप्नों के परिंदे। 
स्वप्नों के परिंदे। चल रे। .... 

मैं हु स्वप्न ,,, स्वप्न। ..स्वप्न 

तुम गहरी निंद सोते हो नं। ..बहोत गहरी। .. 

तब नं मैं हल्क़े से  तुम्हारी आँखों में। ... 

धी ---रे ---धी ---रे  आती हु। ... 

तुम्हे पता तक नहीं चलता ,

मै कैसेआता हु स्वप्न में। .. 

स्वप्न, तुम जो मन में संज्योते हो। .. 

वैसे ही मैं तुम्हें दिखती हु। ... 

तुम बिलकुल, जो सोचा है वो। .. 

कुछ अच्छा सोचते हो किसीके लिए 

मन में ,अंतःमन से ,सुखद। ... 

मैं सच्ची में वैसे ही पेश आती हु। .. 

तुम्हे दुःख हुआ ,बुरा देखा ,बुरा सुना ,.. 

मैं भी दुखी होती ,तुम्हे दुःख स्वप्न दिखता।।।।

मन जो बातें करते ,गुनगुनाते जो हो तुम। 

चलचित्र मैं वही , छुपा कर रखती। .. 

तुमने क्या क्या सोच रखा रखा है। .. 

उसे याद दिलाती हु मै सपने में । .. 

तुम कही भूल नं जाओ। ...

 मैं दोहराते रहती हु स्वप्न जो तुमने देखे।।।।

मई मन में तुम्हारे उड़ान भरती  हु। .. 

तुम्हे  सपनोंकी प्यारी दुनिया  अवगत कराती हु। .. 

मई क्या हु ,स्वप्न क्या है। ..https://kittydiaries.com/ 

बस ,मन की बोली है ,भाषा है 

मन धीरे धीरे संवाद करता अन्तःमन से,  

स्वप्न तो मन है। . सारे जहाँ में कितना  सुन्दर।।।

स्वप्न  हु मै , गगन,, धरा ओर संपुर्ण  ब्रम्हाण्ड।।।।

मई कही भी तुम्हे उड़ान भरा सकती हु.... 

आकाश तारे ,के समीप ले  जाऊ मई तुम्हें ?

या किसी सौरमंडल का चक्कर लगाऊं। ...

कहानियों में सुनी है। .. वह जाओगे, सप्तर्षि में 

बुढ़ीया  की खटिया पर  लेटेंगे ,तीन चोर भी देखोगे। ..

पंछिओंकि बोली बोलेंगे ,या जलचर पर हाथ फेरोगे। .

मै स्वप स्वप्न हु। ...तुम भी तो सोचैते मेरे मन से। .. 

 सपना देखु दिन में ,चारो प्रहरों मे..,रात में। . 

तुम सपना देखते हो तब तुम अचेतन होते। ..

तुम तो गहरी नींद सोए हो। ... 

तुम्हे क्या पता तुम कहाँ खोये हो।https://kittydiaries.com/  

मैं स्वप्न ,मै मन ,मैं  ह्रदय, तो जागृत रहता  ,तुम्हारे  लिए,... 

मै  निरंतर सचेत हु ,चेतना की जकड़न में ,प्यार में  ..

मै स्वप्न हु सो नहीं सकता ,मई कैसे सो सकता? .. 

स्वप्न दिखाना  ,उड़ान  भरान , मेरा कर्तव्य।

अपना कर्त्तव्य मैं कैसे भूलू ,कैसे मुकर जाऊ ?..

परिंदों को पंख लगाना,  ऊँचे खुल्ले आसमां को छुना।

.चलो उठो ,स्वप्न देखो ,उड़ान  भरो , 

स्वप्न  अपना, अपना लो ,पुरा  करो  

कोई परिंदा तुम भी बन जाओ...

स्वप्नों  की उड़ान लेकर। .. 

स्वप्न ,मै  स्वप्न ,मैं स्वप्न।  

रचना /लेखांकन ADV अर्चना गोन्नाड़े --ARCHANA GONNADE https://kittydiaries.com/





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Friday, 9 October 2020

प्रीत नादाँ , धरा आसमां। ..

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प्रीत नादाँ , धरा आसमां। .....



प्रीत नादाँ , धरा आसमां। .. 

आज फिर बादल घिर आये। .... बारिश हुई..... 

ताप्ती धरा  महक रही। 

तृप्ति की सौंधी  सुगंध  .... 

आसमान भिनी भिनी खुशबु से भर आया। ..

माटी की सुगंध , खिलते पुष्पलताओंकी सुगंध।

महकती , छु गयी याद कोई  किसीकी। ... 

वही सुगंध धीरे धीरे सासोंमे, रुका सा....  

एक एक सांस ,गहरी सांस खिंच रही एकदुजे को। .  

ह्रदय हलके हलके जैसे प्राणायाम कर रहा। ... 

ह्रदय को ये कला अवगत है। .. सांस लेने की। ..

हलके से ,जोर जोरे से ,एक लय में।

 सासोंमे साँस मिलाती ,संथ गति चल रही होती। ..

 सासोंकी  की प्रक्रिया मालूम भी नं पड़ती। 

.बेमालुम चलती। .....निरंतरhttps://kittydiaries.com/  

बारिश की छोटी नाटी बुँद  बुन्दोंसे। . 

आसमान से जैसे इत्र बरस रहा हो.... 

इत्रदानी ईश्वर ने आज उंडेल  दी आसमान से। 

कुछ सजे  है लताओं वृक्ष ओर बिलगती बेलो पर ,

कुछ पर्ण ,पुष्पोपर,घर के दिवारोंपर,खिडकियोंपर।

दवबिंदु सजे है। .. एकसार मोती की माला। ..

आ गिरे आखिर सब बुँदे धरा की गोद पर। .. 

प्रित हुई ,धरा कितनी सम्मानित हुई। ..

सारे बिंदु दवबिंदु समाये गये धरा में। ..

फिर पुलकित हुई धरती ,अभिसारिणी ,

मनभाविनि ,मनमोहिनी। हरित धरा। .. 

धरा  अणुरेणु महकी , पोर पोर खिलखला 

आसमां की रूह ने धरा से गुजारिश की  

फिर महकती धरा ने भावभिना संदेश भेजा। 

आसमां  का आनंद मन  में समाये नं ।....https://kittydiaries.com/

रिमझिम रिमझिम सांसे चली। लय में ,ह्रदय में 

मन महकती रूह से आसमां। .. नादाँ 

प्रीत नादाँ , धरा आसमां। .. 

दुर क्षितिज पार  कुछ हलचल। ...

भोर का तारा --- हुआ नया जनम

 रचना /लेखांकन। ... adv अर्चना गोन्नाड़े ,,arcahan gonnade

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